कोणार्क सूर्य मंदिर से जुड़े कुछ रोचक तथ्य (interesting facts related to konark sun temple)

कोणार्क सूर्य मंदिर एक रथ के आकार में बनाया गया है, जिसमें कुल 24 पहिए हैं, जो दिन के 24 घंटों का प्रतीक माने जाते हैं।

कुछ लोगों की यह भी मान्यता है, कि 12-12 अश्वों की दो कतारें जो वर्ष के 12 माह प्रतीक को दर्शाते हैं।

कोणार्क सूर्य मंदिर को वर्ष 1984 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में भी शामिल किया गया है।

प्राचीन समय में समुद्र से यात्रा करने वाले लोग इस मंदिर को ‘ब्लैक पगोडा’ भी कहते थे, क्योंकि उनका मानना था कि यह मंदिर जहाजों को किनारे की ओर आकर्षित कर उन्हें नष्ट कर देता है।

मंदिर की चोटी पर 52 टन चुंबकीय लोहे का प्रयोग किया गया है। माना जाता है, कि इसी चुंबक के कारण से समुद्र की सभी गतिविधियों को यह मंदिर आसानी से सहन कर लेता है।

मंदिर के दोनों प्रवेश द्वार पर दो विशाल शेर स्थापित किए गए हैं। जिसमें हाथी को कुचलता हुआ दर्शाया गया है और साथ ही प्रत्येक हाथी के नीचे मानव शरीर को भी दर्शाया गया है।