छाछ कैसे बनती है – Buttermilk में पाए जाने वाले पौषक तत्व

ग्रामीण क्षेत्रों में इसको बनाने के लिए पहले दूध को मथा जाता है, जिससे उसमें ऊपर घी या मक्खन आ जाता है. मक्खन को अलग करने के बाद जो सफ़ेद पानी बचता है उसे ही छाछ या लस्सी बोलते हैं. लेकिन शहरों में लोग दही लेकर आते हैं और उसे मथकर लस्सी बनाते हैं.

आज से 5-7 साल पहले की ही बात है गाँवों में छाछ को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था. लोग बस इसे एक बिलकुल ही साधारण चीज़ समझते थे, जिसका प्रयोग कर लिया तो ठीक, नहीं तो फेंक दिया करते थे.

लेकिनं जबसे लोगों को छाछ पीने के फायदे मालूम हुए हैं शहरी क्षेत्र को तो खैर छोडो, गाँवों में भी छाछ या लस्सी अब दूध की तरह पैसों में बिकने लगी है. बहुत से शहर तो ऐसे हैं जहाँ के लोग तरसते हैं इस साधारण सी छाछ के लिए. छाछ हमारे शरीर को ठंडक तो प्रदान करती ही है.

ये पौषक तत्वों, जैसे Vitamins और Minerals से भी भरपुर है. इसमें Protein, Calcium, Pottasium, Phosphorus, Riboflavion और Vitamin B12 पाया जाता है. चलिए आपको बताते हैं अगर आप हर रोज 1 बड़ा गिलास भी ताज़ा छाछ या लस्सी का पीते हैं तो आपको कौन कौन से Benefits मिल सकते हैं.