Watch Facts (घड़ियों से जुड़े रोचक तथ्य)

प्राचीन काल में लोग समय का अनुमान लगाने के लिए सूर्य पर ही निर्भर थे ?

आधुनिक सुई वाली घड़ियों से पहले सूर्य घडी, जल घडी, रेत घडी से समय का अनुमान लगाया जाता था.

घड़ियों में सबसे पहले घंटे वाली सुई ही होती थी. बाद में मिनट वाली सुई लगायी गयी और उसके बाद सेकेंड वाली सुई लगायी गयी.

वर्तमान में जो हम जीन्स पहनते हैं उसकी सबसे छोटी जेब घडी रखने के लिए ही बनायीं गयी थी.

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर घडी लगाना चाहिए.

दुनिया में सबसे पहली घडी भारत के ऋषी मुनियों ने सुरज के प्रकाश से बनाई थी, वे किसी पेड़ पर पड़ने वाली छाया से समय का अनुमान लगाया करते थे।

मिश्र के लोगों ने दुनिया की सबसे पहली रेत घड़ी बनाई थी

जल घडी का आविष्कार सबसे पहले चीन में हुआ था. वे दो पात्रो में पानी भर कर, एक पात्र में छेद कर दिया करते थे, और जिस तरह से जल कम हो जाता था, उससे समय का अनुमान लगा लेते थे।

मोम घड़ी का आविष्कार अमेरीकियो ने किया था.

Rolex  Brand रोज़ाना लगभग 2,000 घड़ियाँ  बनाता हैं।

घडी में मिनट वाली सुई का आविष्कार सन 1577 इसवी में जॉस बर्गी (स्विट्ज़रलैंड) ने किया था.

दुनिया की सबसे महंगी घडी Super Kanpitiketed है, जिसकी कीमत करीब 68 Million है। यह एक Pocket Watch है।

दुनिया की सबसे महंगी घड़ियों की कंपनी रोलेक्स अपनी साल भर की कमाई का 90% हिस्सा चैरिटी में दान कर देता है, क्योंकि इस कंपनी का मालिक अनाथ आश्रम का बच्चा था