What Is Post Cycle Therapy In Hindi – Post Cycle Therapy क्या है

जब भी हम कोई Steroid लेने की सोचते हैं तो सबसे पहले हमें ये देखना होता है की हमें वो कितने दिन तक लेना है. यानी 4 हफ्ते, 8 हफ्ते या फिर 10 हफ्ते. 8 हफ्ते या फिर 10 हफ्ते के चक्र को स्टेरॉयड लेने का एक सुरक्षित और असरकारी Cycle माना जाता है.

उसके बाद हमें ये पता करना होता है की हम जो Steroid इस्तेमाल कर रहे हैं वो लेना बंद करने के बाद भी हमारे शरीर में कितने दिन तक रहेगा. बस यही से शुरू होता है PCT का मसला. देखिये जब हम Steroid Use करते हैं तो उनसे हमें बाहरी Harmones मिलते हैं.

जो की हमारे शरीर में जाकर हमारे शरीर के अन्दर के Harmonal System को बुरी तरह से प्रभावित करते हैं. यानी हमारा शरीर जो Harmones खुद से बनाता था, उन्हें बनाना वो बंद कर देता है. यानी शरीर पर पूरा का पूरा बाहर के Harmones का Control हो जाता है.

मान लीजिये हम Testosterone Enanthate स्टेरॉयड के Injections हर हफ्ते ले रहे हैं. तो हमारा शरीर खुद से जो Testosterone बना रहा था वो बनाना पूरी तरह से बंद कर देता है. जब तक आप Injections लेते रहेंगे ऐसा ही चलता रहेगा, आपके Testicals सिकुड़ जायेंगे और उनमें Testosterone बनने की प्रक्रिया बंद हो जायेगी.

तो जब हमारा Cycle पूरा होगा यानी हम Steroid लेना बंद करेंगे, तो उसके बाद यही चाहेंगे ना की हमारा शरीर अब दुबारा से अपने खुद के Harmones बनाना शुरू कर दे? अगर ऐसा नहीं हुआ तो जाहिर सी बात है की हम नपुंसक हो जायेंगे. इसलिए PCT करना जरूरी होता है.

Post Cycle Therapy करने से हमारे शरीर का Harmonal System दुबारा से जल्दी से जल्दी Activate हो जाता है. हर बार Steroids लेने का चक्र पूरा होने के बाद आपको PCT करनी होगी ताकि आपका System दुबारा से पटरी पर आ जाए और शरीर अपने खुद के Harmones बनाना बंद ना कर दे.

अन्यथा ये बहुत ही बड़ी Problem साबित हो सकती है. तो Post Cycle Theraphy क्या है आपको समझ आ गया होगा. अब बात आती है की Post Cycle Therapy कैसे की जाती है